लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को शक्सगाम घाटी में चीन द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढांचा निर्माण कार्यों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में चीन की गतिविधियां पूरी तरह अवैध हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने चीन से स्पष्ट रूप से इन परियोजनाओं को तुरंत रोकने की मांग की।
जम्मू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपराज्यपाल गुप्ता ने कहा कि शक्सगाम घाटी भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां किसी भी बाहरी देश द्वारा की जा रही गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून और भारत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भारत इस तरह की कार्रवाइयों पर लगातार नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए लद्दाख के उपराज्यपाल ने कहा, “हमें नहीं पता कि पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी के मामले में चीन के साथ क्या सौदेबाजी की है, लेकिन उसे यह समझ लेना चाहिए कि विस्तारवादी नीति के जरिए कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपने स्वार्थों के लिए क्षेत्रीय स्थिरता को दांव पर लगा रहा है।
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कविंदर गुप्ता ने कहा कि भारत शांति और स्थिरता में विश्वास रखता है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
उपराज्यपाल के इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब शक्सगाम घाटी और लद्दाख क्षेत्र को लेकर भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि 1963 का पाकिस्तान-चीन समझौता अवैध है और शक्सगाम घाटी पर भारत का वैध दावा है।
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