भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने देशभर के सभी उच्च न्यायालयों से ऑनलाइन सुनवाई (वर्चुअल हियरिंग) करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि अधिकांश उच्च न्यायालयों ने पहले ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि डिजिटल न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुलभ बन सकेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था अब न्यायिक प्रणाली का स्थायी हिस्सा बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुनवाई से वादियों और वकीलों दोनों को सुविधा मिलती है, खासकर उन मामलों में जहां लोगों को दूर-दराज से अदालतों तक आना पड़ता है। इससे समय और संसाधनों की भी बचत होती है।
और पढ़ें: महिला वकीलों को 30% आरक्षण देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया
मुख्य न्यायाधीश ने यह भी बताया कि कई उच्च न्यायालय पहले से ही आंशिक या पूर्ण रूप से वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था को अपना चुके हैं। उन्होंने अन्य न्यायालयों को भी इसे जल्द अपनाने की सलाह दी है।
न्यायपालिका में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग को न्याय प्रणाली में सुधार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिल सकती है।
इस पहल को देश में ई-कोर्ट प्रणाली के विस्तार और न्यायिक आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
और पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में प्राचीन मंदिरों के पुजारियों और कर्मचारी वेतन की समीक्षा पर सुनवाई