तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में कूड़ा संग्रहण वाहनों की कमी के कारण नगर निगम को कचरा ढुलाई के लिए अस्थायी और असुविधाजनक उपाय अपनाने पड़ रहे हैं। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर कचरे को बोरियों में भरकर वाहनों के पीछे बांधकर ले जाया जा रहा है। इस व्यवस्था ने शहर की सफाई प्रणाली और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोयंबटूर नगर निगम के पास कचरा संग्रहण और परिवहन के लिए विभिन्न प्रकार के वाहन उपलब्ध हैं। निगम के बेड़े में घर-घर से कचरा एकत्र करने के लिए 401 हल्के वाणिज्यिक वाहन, 131 बैटरी चालित वाहन (बीओवी) और 626 बड़े वाहन शामिल हैं। इनमें ट्रक, लॉरी और खुले ढांचे वाले मालवाहक वाहन भी शामिल हैं, जिनका उपयोग कचरे के परिवहन के लिए किया जाता है।
हालांकि, सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों का कहना है कि शहर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे की मात्रा के मुकाबले उपलब्ध वाहन पर्याप्त नहीं हैं। परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में कचरा समय पर नहीं उठाया जा पा रहा है और अतिरिक्त कचरे को बोरियों में भरकर वाहनों के पीछे बांधकर ले जाना पड़ रहा है।
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कर्मचारियों का कहना है कि वाहनों की संख्या बढ़ाने और पुराने वाहनों की मरम्मत की आवश्यकता है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जबकि संसाधनों का विस्तार उसी अनुपात में नहीं हो पा रहा है।
नगर निगम प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए वाहनों की खरीद और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देगा, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
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