दिल्ली सरकार ने एक नई कल्याणकारी पहल “आफ्टरकेयर योजना” की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य उन युवाओं को आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जो बाल देखभाल संस्थानों या संरक्षण गृहों से बाहर निकल रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
इस योजना के तहत ऐसे युवाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने जीवन की शुरुआत स्वतंत्र रूप से कर सकें। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार का कहना है कि संस्थानों से बाहर आने के बाद कई युवा अचानक जिम्मेदारियों के बोझ में आ जाते हैं और उन्हें स्थिर आय का स्रोत नहीं मिल पाता, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी युवा देखभाल संस्थान से बाहर आने के बाद असुरक्षित या असहाय महसूस न करे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी और उन्हें सरकारी तथा निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने के लिए विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।
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योजना में कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है, ताकि युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के लिए एक विस्तृत ढांचा तैयार किया गया है और जल्द ही इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सामाजिक कल्याण विभाग को इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार का दावा है कि यह योजना दिल्ली में सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करेगी और कमजोर वर्ग के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगी। विशेषज्ञों ने भी इस कदम को सकारात्मक बताया है, हालांकि इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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