तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) और अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिख रहा है। डीएमके के मुखपत्र मुरासोली ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में अभिनेत्री त्रिशा की मौजूदगी को लेकर विजय पर निशाना साधा है।
चेन्नई स्थित फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में त्रिशा विजय के माता-पिता के साथ अग्रिम पंक्ति में बैठी थीं। राष्ट्रीय ध्वज फहराने और औपचारिक कार्यक्रमों का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें विजय को सलाम करते हुए भी देखा गया।
मुरासोली के संपादकीय में इस घटनाक्रम को लेकर विजय की आलोचना की गई और सवाल उठाया गया कि एक अभिनेत्री को आधिकारिक समारोह में पहली पंक्ति में बैठाने और एक-दूसरे को बार-बार सलाम करने का क्या औचित्य था। अखबार ने इसे बेहद शर्मनाक दृश्य तक बताया।
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त्रिशा इससे पहले मई में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। दोनों की सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं।
डीएमके का ताजा हमला ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी नेता उदयनिधि स्टालिन को त्रिशा के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर 4 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी। इस घटना को लेकर टीवीके ने डीएमके की आलोचना की थी।
इस बीच, पूर्व भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने भी चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक विरोधियों पर पुराने तरीकों से व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक नेता बदलते राजनीतिक माहौल को समझ नहीं पा रहे हैं।
मुरासोली की टिप्पणी से डीएमके और विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के बीच बढ़ती राजनीतिक कटुता एक बार फिर सामने आई है।
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