दिल्ली विश्वविद्यालय की 49 वर्षीय सहायक प्रोफेसर देबस्मिता पॉल की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के कारण इस सनसनीखेज हत्या को अंजाम दिया गया।
देबस्मिता पॉल पश्चिमी दिल्ली के राजा गार्डन स्थित शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं। उनका शव पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित उनके फ्लैट में मिला था। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक दंपति संदिग्ध रूप से इमारत में प्रवेश करता दिखाई दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपति बर्धमान के रहने वाले हैं और कई वर्षों से कोलकाता में स्थित उस मकान में किरायेदार के रूप में रह रहे थे, जो देबस्मिता पॉल को उनके नाना से विरासत में मिला था। इस संपत्ति की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
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जांच में सामने आया कि देबस्मिता के परिवार के अन्य सदस्य और भाई-बहन इस संपत्ति को बेचने के पक्ष में थे, क्योंकि वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बस चुके थे और कोलकाता लौटने की कोई योजना नहीं थी। हालांकि, देबस्मिता पॉल इस संपत्ति को बेचने के खिलाफ थीं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी दंपति उस मकान को खरीदना चाहते थे और उन्हें लगता था कि देबस्मिता ही इस सौदे में सबसे बड़ी बाधा हैं। कई बार अनुरोध करने के बावजूद जब उन्होंने अपना रुख नहीं बदला, तो दंपति ने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची।
बुधवार को आरोपी अपने बच्चे के साथ कोलकाता से दिल्ली पहुंचे। वे मास्क पहनकर फ्लैट तक पहुंचे, सीढ़ियों का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर हथियार से हमला कर देबस्मिता की हत्या कर दी। घटना के बाद कपड़े बदलकर वे फरार हो गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ जारी है।
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