भारत निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश और मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़ा दी है। आयोग के इस फैसले के बाद दोनों राज्यों में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने तथा अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तारीखों में बदलाव किया गया है। यह निर्णय बुधवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की बैठक के बाद लिया गया।
आंध्र प्रदेश में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख अब 10 अक्टूबर कर दी गई है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 16 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा आवश्यक होने पर दावे या आपत्तियां दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
मेघालय में अंतिम मतदाता सूची अब 26 अक्टूबर को जारी होगी। पहले इसे 7 अक्टूबर को प्रकाशित किया जाना था। बाद में शिलांग में हुई अशांति के कारण तारीख बढ़ाकर 21 अक्टूबर की गई थी। अब आयोग ने इसे पांच दिन और आगे बढ़ा दिया है।
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इस बीच निर्वाचन आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से SIR से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा हो चुका है। ऐसे राज्यों में नए मतदाताओं को अब केवल नियमों के तहत निर्धारित वैधानिक फॉर्म-6 भरना होगा। जिन राज्यों में SIR अभी जारी है, वहां अतिरिक्त घोषणा-पत्र की व्यवस्था बनी रहेगी।
अतिरिक्त घोषणा-पत्र में आवेदकों से खुद या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी का पुराने गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में दर्ज होने से संबंधित जानकारी मांगी जाती थी। आयोग के अनुसार, गैर-SIR अवधि में मतदाता पंजीकरण के लिए 1960 के पंजीकरण नियमों के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियां भी सामने आई थीं। अब SIR पूरा होने वाले राज्यों में इसे ऑनलाइन पोर्टल से हटा दिया गया है।
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