भारत निर्वाचन आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो चुका है। अभियान का उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं की पहचान करना है, जिनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए या हट गए हैं। साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का भी पंजीकरण कराया जाएगा। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
एसआईआर के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम वाले मतदाताओं की एएसडीडी सूची तैयार की थी। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित हुई और दावे-आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची जारी की गई।
अब बीएलओ पुरानी एसआईआर-पूर्व मतदाता सूची की तुलना मौजूदा अंतिम सूची से करेंगे। जिन मतदाताओं के नाम पहले सूची में थे लेकिन अब नहीं हैं, उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर उनकी स्थिति और पात्रता का सत्यापन करेंगे। पात्र पाए जाने पर उन्हें फॉर्म-6 भरकर दोबारा नामांकन कराने में मदद दी जाएगी। प्रत्येक बीएलओ को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि अभियान लगभग एक महीने में पूरा किया जा सके।
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घर-घर सत्यापन के दौरान पहली बार वोट देने वाले और अन्य पात्र युवा मतदाताओं का भी पंजीकरण कराया जाएगा। बीएलओ द्वारा तैयार सूचियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
फॉर्म-6 और सत्यापन रिपोर्ट संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को सौंपी जाएगी। अंतिम निर्णय ईआरओ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और संबंधित नियमों के तहत लेंगे।
लोगों की सुविधा के लिए बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। रात के आश्रय स्थलों, मजदूर बस्तियों, बेघर और वंचित वर्गों के लिए भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान की प्रगति की दैनिक निगरानी की जाएगी।
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