इंदौर नगर निगम के 119.53 करोड़ रुपये के बहुचर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अभय सिंह राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल बडेरा के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इन तीनों को 1 जून को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत हिरासत में लिया गया।
ईडी की जांच में सामने आया है कि इंदौर नगर निगम में फर्जी बिलों और नकली भुगतान के जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया था। आरोप है कि विभिन्न परियोजनाओं और कार्यों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सरकारी धन का अवैध रूप से गबन किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका हो सकती है और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने पहले भी इस मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए गए थे। इन्हीं सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि घोटाले की रकम किन-किन खातों में स्थानांतरित की गई और इस धन का उपयोग किस प्रकार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह घोटाला मध्य प्रदेश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है। ईडी की कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभागों में भी हलचल तेज हो गई है। मामले की जांच जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हैं।
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