जन सेना पार्टी (जेएसपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने लोगों के बीच एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि सरहदों पर बाड़ लगाई जा सकती है, लेकिन दिलों के बीच दीवारें नहीं खड़ी की जा सकतीं। उन्होंने हाल ही में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) के साथ हुए कथित बयानबाजी विवाद को भी ज्यादा महत्व नहीं दिया।
पवन कल्याण ने कहा कि उनका केटीआर के साथ भाईचारे का रिश्ता है और वह नहीं मानते कि उन्होंने किसी गलत मंशा से कोई टिप्पणी की होगी। उन्होंने कहा, “मेरा केटीआर गरु के साथ भाई जैसा संबंध है। मैंने पूरी तरह नहीं देखा कि उन्होंने क्या कहा, लेकिन जहां तक मैं उन्हें जानता हूं, उन्होंने गलत इरादे से कुछ नहीं कहा होगा।”
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रिश्तों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। समाज और राजनीति दोनों में संवाद, सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखना आवश्यक है। पवन कल्याण ने जोर देकर कहा कि राज्यों, भाषाओं और क्षेत्रों के बीच भले ही सीमाएं हों, लेकिन लोगों के दिलों को जोड़ना सबसे महत्वपूर्ण है।
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हाल के दिनों में पवन कल्याण और केटीआर के बीच कुछ मुद्दों को लेकर बयानबाजी देखने को मिली थी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि पवन कल्याण के ताजा बयान ने इन अटकलों को काफी हद तक शांत कर दिया है।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों तथा नेताओं को सकारात्मक राजनीति पर ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान को राजनीतिक तनाव कम करने और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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