पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर इस बार के पुनर्मतदान में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक बढ़त बना ली है। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा प्रचंड जीत की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
मतगणना के 21वें राउंड के बाद देबांग्शु पांडा को कुल 1,48,994 वोट मिल चुके हैं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) के उम्मीदवार एसएन कुर्मी को अब तक 40,627 वोट प्राप्त हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान काफी पीछे चल रहे हैं और उन्हें केवल 7,756 वोट मिले हैं।
देबांग्शु पांडा इस समय अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 76 हजार से अधिक वोटों की भारी बढ़त बनाए हुए हैं। शुरुआती रुझानों से ही बीजेपी लगातार आगे बनी हुई थी और अब यह बढ़त निर्णायक मानी जा रही है।
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फाल्टा विधानसभा सीट को टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस सीट पर टीएमसी ने 2001, 2011, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां 36.9 प्रतिशत वोट हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फाल्टा में बीजेपी की यह बढ़त पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकती है। चुनाव परिणाम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है कि क्या बीजेपी पहली बार टीएमसी के इस गढ़ को पूरी तरह भेद पाएगी।
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