विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रॉन 17 फरवरी से 19 फरवरी तक भारत का तीन दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान मैक्रॉन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत वार्ता करेंगे और एआई इम्पैक्ट समिट में भी भाग लेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई क्षेत्रों में चर्चा होने की संभावना है।
MEA के बयान के अनुसार, पीएम मोदी और मैक्रॉन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग शामिल है। दोनों नेता मुंबई में ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ का संयुक्त उद्घाटन भी करेंगे।
दोनों देशों के बीच 25 साल के रणनीतिक रोडमैप, Horizon 2047 के तहत रक्षा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और स्थिरता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी चर्चा होगी। इस रोडमैप का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्थिरता और सतत विकास का क्षेत्र बनाने के लिए ठोस उपाय तैयार करना है।
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मैक्रॉन के दौरे का एक महत्वपूर्ण एजेंडा भारतीय वायुसेना की 114 और राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का प्रस्ताव भी हो सकता है, जिसे रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) में पेश किया जा सकता है। इस रक्षा परियोजना की लागत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और इसमें 60% से अधिक सामग्री भारत में निर्मित होनी चाहिए। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हुआ, तो भारतीय वायुसेना की राफेल संख्या वर्तमान 36 विमानों और नौसेना के 26 विमानों के अलावा 176 तक बढ़ सकती है।
दोनों नेताओं की यह बैठक भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, तकनीकी और नवाचार सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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