केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों को बड़ी राहत देते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच लद्दाख में स्थापित करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।
अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के दूरदराज और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गृह मंत्री के अनुसार, लद्दाख के लोगों को अब कानूनी सेवाओं और न्यायिक उपायों के लिए लंबी और कठिन यात्राएं करने की आवश्यकता कम होगी। हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से स्थानीय लोगों को अपने कानूनी मामलों की सुनवाई और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।
और पढ़ें: लद्दाख निकाय ने 2025 हिंसा के मामलों को वापस लेने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास और वहां के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का विकास करना ही नहीं, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों और न्याय तक प्रभावी पहुंच उपलब्ध कराना भी है।
लद्दाख का बड़ा हिस्सा दुर्गम पहाड़ी और भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्र में आता है। ऐसे में न्यायिक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करना स्थानीय लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। नई बेंच से इस समस्या को काफी हद तक कम करने की उम्मीद है।
केंद्र के इस फैसले को लद्दाख में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय नागरिकों को उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों में समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।
और पढ़ें: तुष्टिकरण की राजनीति, राष्ट्रविरोधी: वंदे मातरम् विवाद पर अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला