केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों, विशेषकर दुष्कर्म के मामलों में “अधिक संवेदनशीलता” के साथ कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कमजोर वर्गों के बच्चों में स्कूल छोड़ने की बढ़ती समस्या और कुपोषण से निपटने के लिए भी सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान अमित शाह ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को संवेदनशील रवैया अपनाते हुए पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
गृह मंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले दुष्कर्म तथा अन्य गंभीर अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने राज्यों से अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ मामलों की जांच और कानूनी कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर ध्यान देने का आग्रह किया।
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अमित शाह ने बैठक में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों के स्कूल छोड़ने की समस्या पर चिंता जताते हुए राज्यों से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूल से बाहर होना केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उनके भविष्य और सामाजिक विकास पर पड़ता है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
गृह मंत्री ने कुपोषण की समस्या को भी गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कमजोर वर्गों के बच्चों और महिलाओं तक पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बैठक में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, पोषण तथा कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर समन्वित रणनीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। अमित शाह ने राज्यों से जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाने को कहा।
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