बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के कार्यालय के बाहर वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने उनके लंबे कार्यकाल समेत अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े कई मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई।
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों का अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने बीसीआई के नेतृत्व और कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा से पद छोड़ने की मांग की।
वकीलों ने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया है। इनमें अधिवक्ताओं के लिए बीमा जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वकीलों को पेशे के दौरान कई तरह की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उनके लिए मजबूत कल्याण व्यवस्था जरूरी है।
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प्रदर्शनकारी वकीलों ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के लागू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और उनके पेशेवर अधिकारों की रक्षा के लिए इस तरह के कानून की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
वकीलों ने मनन कुमार मिश्रा के लंबे समय से चेयरमैन पद पर बने रहने को भी अपनी आपत्ति का एक प्रमुख कारण बताया। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि नेतृत्व में बदलाव और जवाबदेही से अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर नई पहल को गति मिल सकती है।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और बीसीआई नेतृत्व से तत्काल कदम उठाने की अपील की। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अधिवक्ताओं के लिए बीमा, कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने की भी मांग कर रहे हैं।
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