हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) को अगले पांच वर्षों में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार इसके लिए निगम के बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी राज्य की परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ है और प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने में इसकी अहम भूमिका है। सरकार का उद्देश्य निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि सरकार एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से ईंधन पर होने वाले खर्च को कम करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी। सरकार परिवहन निगम को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना पर काम कर रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल बसों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि परिचालन लागत कम करने, राजस्व बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी ध्यान देना होगा। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार परिवहन क्षेत्र में टिकाऊ व्यवस्था विकसित करना चाहती है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार के साथ चार्जिंग सुविधाओं और आवश्यक बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि अगले पांच वर्षों में किए जाने वाले सुधारों से एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति बेहतर होगी और निगम बिना लगातार सरकारी आर्थिक सहायता के अपने संचालन को संभालने में सक्षम बन सकेगा। इससे हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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