उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार रात 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। मेरठ और मुरादाबाद समेत कई शहरों में लोगों ने कुछ समय तक धरती में कंपन महसूस किया। भूकंप के बाद लोगों में हलचल देखी गई, हालांकि तत्काल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप रात 10 बजकर 23 मिनट पर आया। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 13 किलोमीटर थी। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में 30.103 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 79.561 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रहने वाले लोगों ने भूकंप के बाद हल्के और कुछ जगहों पर तेज झटके महसूस होने की जानकारी दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप से किसी तरह के बड़े नुकसान की खबर नहीं थी।
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भूकंप धरती की परत बनाने वाली टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण आते हैं। ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं और फॉल्ट लाइन के आसपास एक-दूसरे से टकरा सकती हैं या खिसक सकती हैं। इस प्रक्रिया में पैदा होने वाला घर्षण ऊर्जा को अचानक मुक्त कर सकता है, जिससे भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और जमीन हिलने लगती है।
दिल्ली भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। राजधानी को देश के भूकंपीय रूप से सक्रिय जोन-4 में रखा गया है, जो संवेदनशीलता की दूसरी सबसे ऊंची श्रेणी है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में 5 से अधिक तीव्रता का भूकंप दर्ज नहीं किया गया है। मंगलवार रात आए भूकंप के बाद अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।
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