असम विधानसभा चुनाव 2026 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 126 में से 102 सीटें हासिल कीं। इस जीत के साथ गठबंधन ने राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। भाजपा ने पहली बार असम में अकेले बहुमत हासिल कर राजनीतिक इतिहास रच दिया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा पहले से की गई एक हाथ से लिखी भविष्यवाणी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, क्योंकि उसका अनुमान चुनाव परिणामों से लगभग पूरी तरह मेल खाता है।
चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसके सहयोगी दलों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 11 में से 10 सीटें जीतीं, वहीं असम गण परिषद (एजीपी) ने 26 सीटों में से 10 सीटें हासिल कीं।
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चुनाव के बाद सामने आई एक पुरानी नोटबुक में लिखे सरमा के अनुमान के अनुसार उन्होंने 9 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद संभावित परिणामों का आकलन किया था। उन्होंने “101 सीटें सर्वश्रेष्ठ स्थिति” और “88 से कम सीटें सबसे खराब स्थिति” के रूप में लिखी थीं। अंतिम परिणाम उनके सबसे अच्छे अनुमान के बेहद करीब रहा, जिससे उनकी राजनीतिक समझ की काफी चर्चा हो रही है।
दूसरी ओर, विपक्ष को करारा झटका लगा है। कांग्रेस केवल 19 सीटों पर सिमट गई। एआईयूडीएफ और राइजोर दल को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 1 सीट ही जीत पाई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को भी हार का सामना करना पड़ा। वे जोरहाट सीट से भाजपा उम्मीदवार हितेन्द्रनाथ गोस्वामी से 23,181 वोटों से हार गए।
यह चुनाव परिणाम असम की राजनीति में एक बड़े बदलाव और एनडीए के मजबूत जनाधार को दर्शाता है।
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