भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच नेशंस कप जीतने के बाद बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ आगामी महिला हॉकी विश्व कप में उतरेगी। अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया का मानना है कि भारतीय टीम ने हाल के मुकाबलों में दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित की है और वह विश्व कप में किसी भी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को चुनौती दे सकती है।
महिला हॉकी विश्व कप का आयोजन 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होगा। भारत को पूल डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को एम्स्टेलवीन में चीन के खिलाफ करेगी।
भारत ने हाल ही में जून में एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप के फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर खिताब जीता था। यह प्रतियोगिता के दो संस्करणों में भारत की दूसरी खिताबी जीत थी।
और पढ़ें: हरभजन सिंह ने आप छोड़कर भाजपा का दामन क्यों थामा? क्रिकेटर से नेता बने खिलाड़ी ने बताई वजह
सविता ने कहा कि नेशंस कप में दुनिया की शीर्ष टीमों की मौजूदगी के बीच खिताब जीतना भारतीय टीम के लिए बड़ी उपलब्धि रही। उनके मुताबिक, लंबे समय बाद स्वर्ण पदक जीतने से खिलाड़ियों का मनोबल और विश्वास काफी बढ़ा है।
उन्होंने एफआईएच प्रो लीग में अर्जेंटीना, नीदरलैंड्स और जर्मनी जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भारत के करीबी मुकाबलों का भी जिक्र किया। सविता ने कहा कि इन मैचों से टीम को विश्वास मिला कि वह विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीमों के साथ बराबरी से मुकाबला कर सकती है।
उनका कहना है कि भारतीय टीम के पास जरूरी कौशल, फिटनेस और मानसिक मजबूती मौजूद है और सही दिन वह किसी भी टीम को चुनौती दे सकती है।
यह सविता पूनिया का लगातार तीसरा विश्व कप होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी हॉकी खिलाड़ी के लिए विश्व कप और ओलंपिक सबसे बड़े मंच होते हैं। भारत का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में चौथा स्थान हासिल करना रहा है। 2018 में टीम आठवें और 2022 में नौवें स्थान पर रही थी।
सविता ने कहा कि इस बार उनके पास पहले से अधिक अनुभव है। एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में वह दबाव में शांत रहकर उदाहरण पेश करना और टीम को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।
और पढ़ें: नेताजी पर विवादित टिप्पणी के बाद बंगाल सरकार ने भाजपा सांसद अनंत महाराज का बंग विभूषण सम्मान रद्द किया