अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय स्पिन आक्रमण ने 25 वर्षों में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज किया है। अनुभवी स्पिनरों की गैरमौजूदगी में भारत को अपेक्षाकृत कम अनुभवी स्पिन गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरना पड़ा।
रविचंद्रन अश्विन के संन्यास और रवींद्र जडेजा की अनुपस्थिति के कारण भारतीय टीम ने इस मुकाबले में कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और पदार्पण कर रहे मानव सुथार को स्पिन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी। राजस्थान के ऑलराउंडर मानव सुथार ने इस मैच से अपना टेस्ट पदार्पण किया।
मैच से पहले इन तीनों स्पिनरों के नाम संयुक्त रूप से केवल 112 टेस्ट विकेट दर्ज थे। इनमें कुलदीप यादव के 76 विकेट और वॉशिंगटन सुंदर के 36 विकेट शामिल थे, जबकि मानव सुथार अपना पहला टेस्ट खेल रहे थे। यह 2001 के बाद किसी घरेलू टेस्ट में भारत के स्पिन आक्रमण का सबसे कम अनुभव माना जा रहा है। 2001 में चेन्नई टेस्ट में हरभजन सिंह, सचिन तेंदुलकर और निलेश कुलकर्णी की स्पिन तिकड़ी के पास मैच से पहले केवल 61 विकेट थे।
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यह मुकाबला नवंबर 2010 के बाद पहला घरेलू टेस्ट भी है जिसमें भारत की प्लेइंग इलेवन में न तो रविचंद्रन अश्विन हैं और न ही रवींद्र जडेजा। इस दौरान भारत ने घर में 69 टेस्ट खेले थे और हर मैच में इनमें से कम से कम एक खिलाड़ी टीम का हिस्सा रहा था।
दूसरी ओर भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में कप्तान शुभमन गिल (126) और केएल राहुल (100) के शतकों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित की।
इसके अलावा साई सुदर्शन ने 81, ऋषभ पंत ने 81 और वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। भारतीय बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
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