ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में स्थित रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट शुक्रवार को एक एलपीजी टैंकर पर हमला होने की घटना सामने आई। इस जहाज पर सवार 28 भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी, लेकिन तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी आधिकारिक बयान में बताया कि मोज़ाम्बिक के ध्वज वाला एलपीजी टैंकर 'दिशा' (आईएमओ संख्या: 8818219) ईरानी जलक्षेत्र में हमले का शिकार हुआ। जहाज पर कुल 28 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। दूतावास ने संबंधित ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और सभी भारतीयों की सुरक्षा की पुष्टि की।
दूतावास ने यह भी कहा कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है। यदि आवश्यक हुआ तो भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। क्षेत्र में तनावपूर्ण परिस्थितियों के कारण समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है, विशेषकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर।
इसी पृष्ठभूमि में पिछले सप्ताह भारत के महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) ने जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधकों और भर्ती एवं प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) कंपनियों को सलाह जारी की थी कि अगले आदेश तक भारतीय नाविकों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात करने से बचें।
समुद्री नियामक ने कहा था कि यह परामर्श संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। भारतीय अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए हैं और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
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