भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने रविवार को जानकारी दी कि उसने क्रू मॉडल से जुड़े तीन अहम क्वालिफिकेशन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इन परीक्षणों का उद्देश्य मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले महत्वपूर्ण सिस्टम की विश्वसनीयता परखना था।
इसरो के अनुसार, पहला परीक्षण क्रू मॉडल अपराइटिंग सिस्टम (सीएमयूएस) का था। यह प्रणाली समुद्र में उतरने के बाद कैप्सूल को स्वतः सीधी स्थिति में लाने का काम करती है, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस परीक्षण में उच्च दबाव वाली गैस के माध्यम से फ्लोटेशन सिस्टम को सक्रिय कर उसकी कार्यक्षमता का सफल प्रदर्शन किया गया।
दूसरा परीक्षण अम्बिलिकल सेपरेशन मैकेनिज्म का था। यह तंत्र क्रू मॉडल और सर्विस मॉडल के बीच विद्युत और अन्य आवश्यक कनेक्शन बनाए रखता है। पृथ्वी पर लौटते समय दोनों मॉडल अलग होते हैं। परीक्षण में यह सुनिश्चित किया गया कि यह प्रणाली निर्धारित समय पर बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से अलग हो सके। इस दौरान मॉडल की संरचनात्मक मजबूती भी सफलतापूर्वक परखी गई।
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तीसरा परीक्षण एपेक्स कवर सेपरेशन से जुड़ा था। एपेक्स कवर मिशन के दौरान पैराशूट प्रणाली की सुरक्षा करता है और पैराशूट खुलने से ठीक पहले अलग हो जाता है। इस परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कवर सही समय पर अलग हो और पैराशूट बिना किसी रुकावट के खुल सकें, जिससे क्रू मॉडल सुरक्षित गति से पृथ्वी पर उतर सके।
इसरो ने कहा कि इन तीनों परीक्षणों की सफलता से गगनयान मिशन के महत्वपूर्ण सुरक्षा तंत्रों की विश्वसनीयता प्रमाणित हुई है। इससे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारियों को और मजबूती मिली है। गगनयान मिशन के जरिए भारत अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला दुनिया का चुनिंदा देशों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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