केंद्रीय मंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी को शुक्रवार को अज्ञात नंबर से जान से मारने की धमकी मिली। इस धमकी भरे कॉल के बाद मंत्री ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मंत्री के निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को भी फोन और व्हाट्सएप पर धमकी दी गई। कॉल करने वाले की पहचान इस्माइल के रूप में हुई, जो पश्चिम बंगाल के मुरशिदाबाद का रहने वाला बताया गया है। आरोप है कि इस्माइल के पास मंत्री के आधिकारिक दौरे का पूरा कार्यक्रम भी था।
दिल्ली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस भी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ा दिए गए हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक नेताओं को मिलने वाली इस तरह की धमकियां चिंता का विषय है। पिछले कुछ वर्षों में कई केंद्रीय और राज्य मंत्रियों को ऐसे खतरे का सामना करना पड़ा है।
रालोद के नेताओं ने इस घटना की निंदा की और केंद्र व राज्य सरकार से मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि जयंत चौधरी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री जयंत चौधरी ने खुद ट्वीट कर कहा कि उन्हें धमकी भरे कॉल से डर नहीं लगता और वे जनता के बीच रहकर अपने कार्य जारी रखेंगे। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से सहयोग की भी अपील की।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध कॉल या संदेश मिलता है तो तुरंत रिपोर्ट करें। अधिकारी मामले की जांच में तकनीकी और फोरेंसिक मदद का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि अपराधी को जल्दी पकड़ा जा सके।
यह घटना राजनीतिक माहौल में नई चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि नेता और उनकी सुरक्षा हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहती है।
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