कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र महिला आरक्षण कानून को लागू करने में जल्दीबाजी कर रहा है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। खड़गे ने पत्र में यह भी कहा कि सीमांकन (Delimitation) को महिला आरक्षण कानून से जोड़ा जा रहा है, जबकि इस पर सभी दलों से चर्चा की जानी चाहिए।
खड़गे ने मांग की कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी पार्टी नेताओं की बैठक आयोजित की जाए, खासकर तब जब चुनावों के बाद इस पर चर्चा की जाए। उनका कहना था कि सरकार ने बिना विपक्ष को विश्वास में लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले केंद्र सरकार के फैसले जैसे नोटबंदी, जीएसटी, जनगणना, और संघीय संरचना से जुड़ी योजनाओं ने विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया है। इसके साथ ही, खड़गे ने यह भी कहा कि अगर सरकार सच में लोकतंत्र को मजबूत करना चाहती है, तो उसे 29 अप्रैल, 2026 के बाद सभी पार्टियों से चर्चा करनी चाहिए।
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खड़गे का यह पत्र संसद के तीन दिवसीय सत्र से पहले आया है, जिसमें महिला आरक्षण बिल लाए जाने की संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण कानून को लेकर राजनीति कर रही है।
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