रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को देश की संसद में स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को छोड़कर किसी ने यह नहीं कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने वाला है। लावरोव ने जोर देकर कहा कि रूस-भारत समझौते किसी भी जोखिम में नहीं हैं।
लावरोव के बयान दो दिन बाद आए जब रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत और अन्य देशों को रूस का तेल खरीदने से रोकने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए अमेरिका विभिन्न दबावकारी उपाय जैसे टैरिफ, प्रतिबंध और अन्य रोक लगाने का इस्तेमाल कर रहा है।
लावरोव ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान किसी और से नहीं सुना, न ही प्रधानमंत्री मोदी या अन्य भारतीय नेताओं से। उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारी के दौरान ऊर्जा सुरक्षा को प्रमुख एजेंडा के रूप में रखा है, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी हिस्सा लेंगे।
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उन्होंने दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण संयुक्त दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए और इससे रूस-भारत संबंध और मजबूत हुए। लावरोव ने कहा कि इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के नेताओं की नई बैठक होने की संभावना है। रूस भारत के साथ संबंधों को उतना ही आगे बढ़ाने के लिए तैयार है जितना कि नई दिल्ली चाहे।
अमेरिकी दावे के संदर्भ में, ट्रंप ने पिछले सप्ताह भारत के रूस से कच्चा तेल न खरीदने का दावा किया और अगस्त 2025 में भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ को वापस कर दिया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत तेल खरीद में विविध स्रोत बनाए रखेगा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा।
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