उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम जुलूस के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई और लगभग 10 लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान 12 वर्षीय अली और 14 वर्षीय अरमान एक घर की बालकनी पर खड़े होकर नीचे मौजूद लोगों को शरबत और खाना वितरित कर रहे थे। इसी दौरान नीचे खड़े कई लोग भोजन और शरबत लेने के लिए बालकनी का सहारा लेने लगे। अधिक वजन और भीड़ के दबाव के कारण अचानक पूरी बालकनी टूटकर नीचे गिर गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल भी मौके पर पहुंच गए और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
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डॉक्टरों ने अली (12) और अरमान (14) को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। घायलों में कई की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना महोना क्षेत्र में हुई, जो इटौंजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। डीसीपी (उत्तर) गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि पुलिस को बालकनी गिरने की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।
उन्होंने कहा कि भारी भीड़ और वजन के कारण बालकनी अचानक गिर गई, जिससे यह हादसा हुआ। करीब 10 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुहर्रम जुलूस के दौरान लोग श्रद्धा और सेवा भाव से भोजन और शरबत वितरण कर रहे थे, लेकिन यह दुखद घटना अचानक हुए हादसे में बदल गई।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इमारत की संरचना कमजोर थी या भीड़ नियंत्रण में कोई चूक हुई थी।
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