बिना लाइसेंस चल रही मिठाई फैक्ट्री पर छापा
लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को नीवा कासिम खेड़ा इलाके में संचालित एक कथित अवैध मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में बेहद खराब और अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं। अधिकारियों ने करीब 200 किलोग्राम मिठाइयों को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने के बाद मौके पर ही नष्ट कर दिया।
यह कार्रवाई अधिकारियों को मिली सूचना के आधार पर रिंकू की मिठाई फैक्ट्री में की गई। जांच में सामने आया कि इकाई कथित तौर पर वैध खाद्य लाइसेंस के बिना संचालित हो रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने फैक्ट्री को बंद करने का आदेश दिया।
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200 किलो मिठाइयां मौके पर नष्ट
खाद्य सुरक्षा टीम ने फैक्ट्री के भीतर मिठाइयां तैयार करने की प्रक्रिया और साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब दो क्विंटल यानी 200 किलो मिठाइयां दूषित और खाने के लिए असुरक्षित पाई गईं।
अधिकारियों के अनुसार, इन मिठाइयों की अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये थी। लोगों के स्वास्थ्य को संभावित खतरे को देखते हुए इन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि इन्हें बाजार में बेचकर उपभोक्ताओं तक न पहुंचाया जा सके।
180 लीटर सोयाबीन तेल जब्त
जांच के दौरान टीम को 180 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल की गुणवत्ता भी संदिग्ध मिली। करीब 40,860 रुपये मूल्य के तेल को अधिकारियों ने जब्त कर लिया।
खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए टीम ने पेड़ा, स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी), रिफाइंड सोयाबीन तेल और खाद्य चांदी के वर्क के नमूने भी लिए। इन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन साबित होता है, तो मिठाई निर्माता के खिलाफ अदालत में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी मौसम में लखनऊ में मिठाइयों की खपत बढ़ने के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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