मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि महाराष्ट्र में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए राज्य सरकार 300 करोड़ पेड़ लगाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के कुल क्षेत्रफल में वन क्षेत्र को बढ़ाकर 33 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ‘वृक्ष वर्धन: दूसरा अंतरराष्ट्रीय आर्बोरिकल्चर सम्मेलन 2026’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेड़ों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाने के लिए आर्बोरिकल्चर को सरकारी नीति में शामिल करने जा रही है।
उन्होंने बताया कि आर्बोरिकल्चर दरअसल पेड़ों और झाड़ियों के वैज्ञानिक अध्ययन और उनके संरक्षण से जुड़ा क्षेत्र है। इसके जरिए विशेषज्ञ पेड़ों के स्वास्थ्य की जांच कर सकते हैं और आधुनिक तकनीक की मदद से उन्हें सुरक्षित रखने के उपाय कर सकते हैं।
और पढ़ें: झुंझुनू में डंपर की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर किया पथराव
फडणवीस ने कहा कि आर्बोरिकल्चर को अपनाने से पेड़ों की देखभाल बेहतर तरीके से हो सकेगी। उन्होंने इसे “पेड़ों के डॉक्टर” की तरह बताया, जो पेड़ों की बीमारी या कमजोर स्थिति का पता लगाकर उनका उपचार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है। राज्य सरकार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण को संतुलित रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नागरिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाने का प्रयास करेगी। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से न केवल हरित क्षेत्र बढ़ेगा बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
और पढ़ें: महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिले बिना समाज की प्रगति संभव नहीं: ममता बनर्जी