हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने कहा है कि राज्य तेजी से हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने राज्य की कुल ऊर्जा जरूरतों का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार कई अहम कदम उठा रही है। विशेष रूप से छोटे जलविद्युत परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्वच्छ और सतत ऊर्जा उत्पादन को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा सौर ऊर्जा और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
सुखु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पास प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर क्षमता है, जिसे सही तरीके से उपयोग कर राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हरित ऊर्जा न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसर भी प्रदान करती है।
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मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखते हुए विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश देश के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
राज्य सरकार की इन पहलों को विशेषज्ञों द्वारा सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो दीर्घकालिक विकास और सतत भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल, हिमाचल प्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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