मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हथियार तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच यह कार्रवाई संयुक्त अभियान के तहत की गई।
सुरक्षा बलों ने सबसे पहले यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पाम्बेई) यानी यूएनएलएफ (पी) के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान मयांग इम्फाल कोकचाई निवासी हेशनाम थॉमस सिंह और लामशांग हीबोंगपोकपी मयाई लेइकाई निवासी अरामबाम टॉमटॉम सिंह के रूप में हुई।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान उनके सहयोगियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद कुछ समय तक मुठभेड़ चली। इसके बाद निंगथौजाम राकेश सिंह और चिंगाखाम महेश सिंह नामक दो अन्य उग्रवादियों को भी पकड़ लिया गया।
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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लूटे गए हथियारों और गोला-बारूद की बिक्री में शामिल थे। उनकी जानकारी के आधार पर मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने इम्फाल पश्चिम के लामदेंग क्षेत्र में स्थित यूएनएलएफ (पी) के एक अवैध कैंप पर संयुक्त छापा मारा।
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कुल 67 हथियार बरामद किए। इनमें एके सीरीज राइफलें, एम-सीरीज राइफलें, पिस्तौल, स्नाइपर राइफल, कार्बाइन, शॉटगन, मोर्टार, आरपीजी-7 लॉन्चर, एंटी-ड्रोन जैमर और भारी मात्रा में विस्फोटक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने लोगों से हथियार छोड़ने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर युवाओं को विकास और रोजगार की ओर बढ़ना चाहिए।
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