जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे का समाधान केवल बातचीत के माध्यम से ही संभव है और बिना संवाद के कोई भी स्थायी हल नहीं निकाला जा सकता।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद के दृष्टिकोण और “ब्लूप्रिंट” को अपनाए बिना जम्मू-कश्मीर समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही सार्वजनिक मंचों पर पाकिस्तान से बातचीत की बात न की जाती हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी पाकिस्तान के साथ गुप्त वार्ताएं जारी हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इन कथित गुप्त वार्ताओं में सेवानिवृत्त राजनयिक, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और अन्य कई लोग शामिल हैं, जो विभिन्न स्तरों पर संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई ठोस सबूत या नाम सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किए।
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पीडीपी प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता केवल राजनीतिक संवाद और विश्वास निर्माण के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” जैसी नीतियों की चर्चा की जाती है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि संवाद के रास्ते अभी भी खुले हुए हैं, भले ही वे सार्वजनिक न हों।
महबूबा मुफ्ती के इस बयान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर की राजनीति को गर्मा दिया है। उनके इस आरोप पर केंद्र सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले समय में केंद्र और विपक्ष के बीच बहस को और तेज कर सकता है। साथ ही यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ सकता है।
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