मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने किसानों के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सहकारी क्षेत्र को राहत देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 32,070 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। कैबिनेट ने सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य सहकारी समितियों से जुड़े 5,000 से अधिक किसानों को राहत प्रदान करना है।
सरकार के अनुसार, ऐसे किसान जिनके सहकारी ऋण खातों में कथित अनियमितताओं या जांच के कारण परेशानियां उत्पन्न हुई हैं, उन्हें इस योजना के माध्यम से सहायता दी जाएगी। ‘कवच योजना’ के जरिए किसानों को आर्थिक बोझ से राहत देने और सहकारी ऋण व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
और पढ़ें: मध्य प्रदेश में 9 से 17 अगस्त तक चलेगा हर घर तिरंगा अभियान, सीएम मोहन यादव ने की जनभागीदारी की अपील
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों से जुड़े विकास कार्यों को गति देने पर भी चर्चा हुई। मंत्रिपरिषद ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता कृषि क्षेत्र को मजबूत करना और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।
मध्य प्रदेश सरकार लगातार किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। नई कवच योजना को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे सहकारी संस्थाओं से जुड़े किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के फैसलों के बाद सरकार ने संबंधित विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे।
और पढ़ें: जमीन विवाद में भिंड के पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या, रिश्तेदारों पर आरोप