केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सराहना करते हुए कहा है कि यह बल आपदाओं के समय देश के लिए भरोसे का मजबूत स्तंभ बन चुका है। सोमवार (19 जनवरी, 2026) को एनडीआरएफ के स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने बल के योगदान, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।
अमित शाह ने कहा कि आपदा-रोधी भारत के निर्माण के लिए मोदी सरकार के संकल्प को साकार करने में एनडीआरएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों के दौरान एनडीआरएफ ने जिस तत्परता और समर्पण के साथ काम किया है, उसने इसे देश की जनता के लिए भरोसे का प्रतीक बना दिया है।
गृह मंत्री ने एनडीआरएफ के जवानों की पेशेवर दक्षता, साहस और मानवीय संवेदनाओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि चाहे बाढ़ हो, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन या किसी अन्य बड़ी आपदा की स्थिति—एनडीआरएफ हमेशा सबसे पहले मौके पर पहुंचकर लोगों की जान बचाने में जुट जाता है।
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अपने संदेश में अमित शाह ने उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने दूसरों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि देश ऐसे शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले कई अवसरों पर एनडीआरएफ के कौशल, अनुशासन और कर्तव्यबोध की सराहना कर चुके हैं। उन्होंने इसे “सेवा के सर्वोच्च मानकों” का प्रतीक बताया है। आज एनडीआरएफ न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक विश्वसनीय और सक्षम बल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
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