हरियाणा के नूंह जिले में सरकारी डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में चार साल के एक बच्चे के गलत पैर की सर्जरी कर दी गई। घटना के बाद बच्चे के परिजनों में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के खिलाफ भारी नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, बच्चे के पैर में फोड़ा होने के कारण उसे 20 जुलाई को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चे के दाहिने पैर में सर्जरी कर दी, जबकि असल में ऑपरेशन बाएं पैर में होना था।
परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद जब बच्चे को बाहर लाया गया, तब उन्हें पता चला कि डॉक्टरों ने गलत पैर का ऑपरेशन कर दिया है। इसके बाद मामले की जानकारी डॉक्टरों को दी गई। परिवार के अनुसार, संबंधित सर्जन ने अपनी गलती स्वीकार की और बाद में बच्चे के दूसरे पैर की भी सर्जरी की गई। इसके चलते अब बच्चे के दोनों पैरों में पट्टी बंधी हुई है।
और पढ़ें: हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब पेपर लीक मामले पर आप सरकार को घेरा
बच्चे के पिता आरिफ ने बताया कि अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पवन कुमार ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद पुष्टि की थी कि सर्जरी बाएं पैर में की जानी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने मामले को संभालने का आश्वासन दिया, लेकिन परिवार ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी।
मामले को लेकर स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद चार डॉक्टरों की एक जांच समिति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा लापरवाही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें: भायखला पुलिस स्टेशन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू