ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटी/एससी विभाग से जुड़े दो ऑडिटरों को 14.38 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी के साथ पकड़ा है। अधिकारियों की पहचान प्रशांत कुमार प्रधान और प्रज्ञाप्रकाश पात्रा के रूप में हुई है। विजिलेंस के अनुसार, दोनों बरामद रकम के स्रोत का संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके।
यह कार्रवाई विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। दोनों ऑडिटर बारीपदा स्थित जिला कल्याण कार्यालय में ऑडिट का काम पूरा करने के बाद रॉक्सी लेन स्थित मोहापात्रा होटल जा रहे थे। वे कार्यालय की स्कॉर्पियो से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान विजिलेंस टीम ने वाहन को रोककर दोनों की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान उनके पास से 5 लाख 51 हजार 510 रुपये नकद बरामद हुए। यह रकम 52 लिफाफों और 20 खुले बंडलों में रखी थी। पूछताछ में दोनों अधिकारी नकदी के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके।
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इसके बाद विजिलेंस ने मोहापात्रा होटल में दोनों के कमरों की तलाशी ली। वहां से 8 लाख 86 हजार 830 रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। दोनों स्थानों से मिली कुल रकम 14 लाख 38 हजार 340 रुपये है, जिसे विजिलेंस ने जब्त कर लिया है।
जांच के दौरान दोनों ऑडिटरों पर रिश्वत मांगने के आरोप भी सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों 30 अगस्त से बारीपदा में जिला कल्याण कार्यालय का ऑडिट कर रहे थे। उन्होंने आश्रम, सेवाश्रम, हाई स्कूल और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का भी निरीक्षण किया था।
विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि ऑडिटर स्कूलों और छात्रावासों के प्रधानाध्यापकों तथा प्रभारियों से कथित तौर पर रिश्वत मांग रहे थे। आरोप है कि प्रत्येक स्कूल या हॉस्टल में नामांकित छात्र के हिसाब से 10 रुपये देने की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस ने कार्रवाई की।
फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है। विजिलेंस नकदी के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ उनके ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी तलाशी कर रही है।
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