पूर्वी बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उपनाम पप्पू यादव को मंगलवार (10 फरवरी 2026) को भारतीय दंड संहिता के तहत 31 साल पुराने फॉरजरी मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने जमानत दे दी। हालांकि, उन्हें राज्य की राजधानी पटना में दर्ज एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में रहना होगा, जिसकी सुनवाई बुधवार (11 फरवरी 2026) को होगी।
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि, “1995 के मामले में पप्पू यादव को जमानत मिल गई है, लेकिन उन्हें बुद्धा कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य मामले में हिरासत में रहना होगा। इस मामले में आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने पुलिस के काम में बाधा डाली।”
उन्होंने आगे कहा कि बुद्धा कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज इस अन्य मामले (मामला संख्या: 72/2026) की सुनवाई कल, 11 फरवरी को कोर्ट में होगी। इस मामले में पप्पू यादव की अदालत में उपस्थिति अनिवार्य होगी।
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यह जमानत पप्पू यादव के राजनीतिक करियर और अदालत में लंबित मामलों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। 31 साल पुराने फॉरजरी मामले में जमानत मिलने के बाद पप्पू यादव अपने अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।
राजनीतिक और कानूनी विश्लेषकों के अनुसार, यह जमानत बिहार के राजनीतिक परिदृश्य और पप्पू यादव की आगामी गतिविधियों में अहम भूमिका निभा सकती है। जबकि अन्य मामले में उन्हें हिरासत में रहना होगा, इस जमानत से उन्हें कुछ राहत मिली है और अदालत में उनके पक्ष को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
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