पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडे को पश्चिम बंगाल का नया कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (डीजीपी) नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति मौजूदा डीजीपी राजीव कुमार के 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभावी होगी।
पीयूष पांडे 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक मामलों में लंबा अनुभव हासिल है। राज्य सरकार ने उन्हें डीजीपी (इन-चार्ज) की जिम्मेदारी सौंपी है। यह बदलाव ऐसे समय पर किया गया है, जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहना चाहता है।
सूत्रों के अनुसार, डीजीपी स्तर पर बदलाव के साथ-साथ कई अहम पुलिस कमिश्नरेट्स में भी नए प्रमुखों की नियुक्ति की जा रही है। हावड़ा, बिधाननगर, बैरकपुर और चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट्स को नए पुलिस आयुक्त मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि चुनावी माहौल को देखते हुए सरकार पुलिस प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना चाहती है।
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राज्य पुलिस में यह फेरबदल केवल शीर्ष पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में जिला स्तर पर भी कई अधिकारियों के तबादले किए जा सकते हैं। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पीयूष पांडे की नियुक्ति से पुलिस बल में स्थिरता आएगी और चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहता है, ऐसे में यह प्रशासनिक बदलाव काफी अहम माना जा रहा है।
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