ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने अमेरिका और इज़रायल को किसी भी तरह के हमले के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की भारी सैन्य तैनाती के बाद ईरानी सशस्त्र बल पूरी तरह सतर्क और उच्च स्तर की तैयारी में हैं। यह बयान उन्होंने शनिवार (31 जनवरी 2026) को दिया।
ईरान के मेजर जनरल हातमी ने कहा, “अगर दुश्मन कोई गलती करता है, तो इसमें कोई संदेह नहीं कि वह अपनी ही सुरक्षा, पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और ज़ायोनी शासन की सुरक्षा को खतरे में डाल देगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं “पूर्ण रक्षात्मक और सैन्य तत्परता” की स्थिति में हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वॉशिंगटन ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत किया है। ईरान का मानना है कि यह तैनाती क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है और किसी भी आक्रामक कदम का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
और पढ़ें: ₹500 करोड़ का निवेश घोटाला: EOW ने दंपति समेत तीन को किया गिरफ्तार, महाराष्ट्र में 11,000 से ज्यादा निवेशक ठगे
मेजर जनरल हातमी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु तकनीक को समाप्त नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान अमेरिकी हमलों से बचने के लिए किसी समझौते की कोशिश कर सकता है।
हातमी ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की परमाणु विज्ञान और तकनीक को समाप्त नहीं किया जा सकता, भले ही इस देश के वैज्ञानिकों और बेटों को शहादत क्यों न देनी पड़े।” उन्होंने इसे ईरान की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का प्रतीक बताया।
ईरान के इस सख्त रुख से साफ है कि वह किसी भी दबाव या सैन्य धमकी के आगे झुकने को तैयार नहीं है और क्षेत्र में किसी भी संघर्ष की स्थिति में जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
और पढ़ें: पाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरा टी20: पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी