अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बुधवार को महिला सशक्तिकरण और “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम “सशक्तिकरण, समानता और नेतृत्व का उत्सव” थीम के तहत आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि देश और राज्य में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अरुणाचल प्रदेश को पहली महिला मुख्यमंत्री भी मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है, चाहे वह शिक्षा हो, प्रशासन हो, राजनीति हो या सामाजिक सेवा। ऐसे में उनके लिए अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।
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मुख्यमंत्री ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो महिलाओं को राजनीति में बेहतर अवसर प्रदान करेगा और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी बनाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान महिला प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और सरकार के प्रयासों की सराहना की।
पेमा खांडू ने कहा कि समाज में समानता तभी संभव है जब महिलाओं को बराबरी का अवसर मिले और उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।
इस कार्यक्रम को राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में राजनीति और प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत कर सकता है।
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