प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित दूसरे भारत–अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अरब देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति भारत के “निरंतर समर्थन” को दोहराया और गाज़ा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति योजना का स्वागत किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों में अरब लीग की भूमिका की सराहना की।
बयान के अनुसार, “प्रधानमंत्री ने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और गाज़ा शांति योजना सहित चल रहे शांति प्रयासों का स्वागत किया।” प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और अरब जगत के बीच ऐतिहासिक और गहरे जन–जन के संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि ये संबंध वर्षों से दोनों पक्षों के रिश्तों को मजबूती देते आए हैं।
प्रधानमंत्री ने आने वाले वर्षों के लिए भारत–अरब साझेदारी की अपनी परिकल्पना साझा की और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, व्यापार और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अरब विदेश मंत्रियों के साथ तस्वीर साझा करते हुए कहा कि अरब विश्व भारत के विस्तृत पड़ोस का अहम हिस्सा है और दोनों के बीच सभ्यतागत संबंध, मजबूत भाईचारा और शांति व प्रगति के साझा मूल्य मौजूद हैं।
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गाज़ा शांति योजना पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत अभी ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल में शामिल होने पर विचार कर रहा है। यह पहल गाज़ा संघर्ष से शुरुआत कर वैश्विक संघर्षों के समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसी बीच, फिलिस्तीनी विदेश मंत्री वारसेन अगाबेकियन ने कहा कि भारत इज़राइल–फिलिस्तीन के बीच स्थायी शांति स्थापित करने में मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भारत की मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता की भी सराहना की।
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