महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक उपलब्धियों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महाराष्ट्र सदियों से सामाजिक सुधार, आध्यात्मिक चेतना और आर्थिक विकास का मजबूत केंद्र रहा है, जिसने भारत की राष्ट्रीय पहचान को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने भक्ति आंदोलन और वारकरी संप्रदाय की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे पूरे देश में सामाजिक न्याय और समरसता की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महाराष्ट्र को साहस, भक्ति और प्रगतिशील विचारों का संगम बताया और कहा कि यह राज्य राष्ट्र निर्माण की दिशा में सदैव अग्रणी रहा है।
प्रधानमंत्री ने राज्य से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण हालिया उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने विशेष रूप से गौरवपूर्ण बताया। इनमें 12 मराठा किलों का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होना, 2024 में मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलना और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का यूनेस्को मुख्यालय पेरिस में स्थापित किया जाना शामिल है।
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उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को वैश्विक पहचान देती हैं। पीएम मोदी ने राज्य की आर्थिक प्रगति की भी प्रशंसा की और कहा कि महाराष्ट्र उद्योग, वित्त, विनिर्माण और नवाचार में देश का नेतृत्व कर रहा है।
उन्होंने रेलवे परियोजनाओं के लिए वर्ष 2025-26 में ₹24,000 करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन का उल्लेख किया। साथ ही मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की प्रगति और वधावन बंदरगाह परियोजना को राज्य की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
महाराष्ट्र दिवस 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य के विभाजन के बाद महाराष्ट्र राज्य के गठन की स्मृति में मनाया जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र आज भी भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बना हुआ है।
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