पंजाब में किसान संगठनों ने आज 17 जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और पुतला दहन का आह्वान किया है। किसानों का आरोप है कि खाद की कमी, डीजल की बढ़ती कीमतें, भूमि अधिग्रहण और कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने किया है। संगठन ने पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में भी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या खाद की कमी है। उनका कहना है कि यह केवल किसी एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश का मुद्दा बन चुका है। किसान संगठनों का दावा है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण खाद की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे खेती के लिए जरूरी संसाधन समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।
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किसानों की दूसरी बड़ी शिकायत डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर है। उनका कहना है कि सिंचाई, कृषि मशीनरी चलाने और फसलों के परिवहन पर इसका सीधा असर पड़ता है। किसानों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद इसका लाभ आम उपभोक्ताओं और किसानों तक नहीं पहुंचा है।
इसके अलावा किसान संगठनों ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण का भी विरोध किया है। उनका आरोप है कि भारतमाला परियोजना और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत किसानों की सहमति के बिना जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
हाल ही में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने भी पंजाब में ईंधन कीमतों और कृषि संबंधी मुद्दों पर राज्यव्यापी प्रदर्शन किया था। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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