नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतंत्र की हत्या बताया।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि घटना से पता चलता है कि बीजेपी को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए कथित तौर पर ‘‘वोट चोरी’’, ‘‘सरकार चोरी’’ और ‘‘पार्टी चोरी’’ जैसे तरीकों का सहारा लेती है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस दबाव के आगे नहीं झुकेगी और बीजेपी के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी।
ममता बनर्जी ने भी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही मिनट बाद प्रधान को गिरफ्तार किया गया। ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी और ‘‘चुनाव एजेंसी’’ देश में लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने गिरफ्तारी को पुराने मामले को सामने लाने की राजनीति बताया।
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नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा बदलाव
6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।
हालांकि, समर्थन की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक मामले में हुई है। उन्हें पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर स्थित एक होटल से हिरासत में लिया गया। उन्हें शनिवार को हल्दिया की अदालत में पेश किया जाएगा।
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