महाराष्ट्र के विरार में एक आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मृतक ने स्थानीय अवैध खदानों की गतिविधियों का खुलासा किया था। मृतक का शव उसी खदान में फेंक दिया गया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित कार्यकर्ता ने कई बार खदानों में हो रही अवैध गतिविधियों को लेकर आरटीआई के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराई थीं। स्थानीय अधिकारियों और संबंधित विभागों को भेजी गई इन शिकायतों में खदान संचालन में नियमों की अनदेखी और पर्यावरणीय नुकसान का उल्लेख था।
हालांकि, खदान मालिकों और स्थानीय सत्ता के कुछ लोगों ने कार्यकर्ता के प्रयासों का विरोध किया। इस विवाद के बीच, कार्यकर्ता का शव उसी खदान के अंदर मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
और पढ़ें: हिमाचल में खनिज ढुलाई वाहनों पर चेक पोस्ट शुल्क लागू, अवैध खनन पर लगेगी रोक
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम सभी संभावित सुबूत जुटा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।”
स्थानीय लोगों ने भी मामले को लेकर चिंता व्यक्त की और न्याय की मांग की। कई लोगों का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोक पाना मुश्किल होगा।
आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर यह घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। देश में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
और पढ़ें: आरोपियों को जीने का अधिकार नहीं: पुणे नाबालिग दुष्कर्म-हत्या मामले में महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का फांसी की सजा पर जोर