विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने कई राज्यों में विशेष अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और हरियाणा में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड का सत्यापन कर रहे हैं। आयोग का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देना है।
इस अभियान के बीच एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है। राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, आयोग मतदाता सूची में सुधार और छूटे हुए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
दिल्ली में 33 लाख नाम हटे, 20 लाख मामलों का निपटारा
दिल्ली में एसआईआर के दौरान लगभग 33 लाख नाम हटाए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से करीब 20 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। दिल्ली में 18 और 25 अक्टूबर को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अभियान में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 902 सहायक अधिकारी, 1,313 पर्यवेक्षक और 14,947 बीएलओ तैनात हैं।
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उत्तर प्रदेश और गाजियाबाद में सत्यापन
उत्तर प्रदेश में एसआईआर के दौरान 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने के बाद बीएलओ को संबंधित लोगों की मौजूदा स्थिति जांचने का निर्देश दिया गया है। गाजियाबाद में करीब छह लाख नाम हटाए गए थे। यहां बीएलओ को प्रतिदिन 20 से 25 फॉर्म-6 भरवाने का लक्ष्य दिया गया है। शुरुआती रिपोर्टों में नामों की वर्तनी में अंतर और एक से अधिक राज्यों में नाम दर्ज होने जैसे मामले सामने आए हैं।
पंजाब में अंतिम सूची जारी
पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों की अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है। एसआईआर से पहले राज्य में 2,14,61,043 मतदाता थे, जबकि अंतिम सूची में 2,01,00,767 नाम दर्ज हैं। पुनरीक्षण के दौरान 13,60,316 नाम हटाए गए और 7,97,263 नए मतदाता जोड़े गए।
महाराष्ट्र में 26 अक्टूबर तक मौका
महाराष्ट्र में एसआईआर के बाद करीब 2.07 करोड़ नाम हटाए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें अनुपस्थित, दूसरी जगह जा चुके, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल हैं। राज्य में मामलों के समाधान के लिए 26 अक्टूबर तक आवेदन का अवसर दिया गया है।
नाम जोड़ने और सुधारने के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?
जिस पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वह नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकता है। पहले से दर्ज विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाता है। मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं और विशेष शिविरों में दस्तावेज जमा कर सकते हैं। पंजाब में ईसीआईनेट ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी उपलब्ध बताया गया है।
चुनाव आयोग की इस मुहिम के तहत रिकॉर्ड में अंतर, पते में बदलाव या दस्तावेज जमा करने में हुई देरी से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। पात्रता की पुष्टि होने पर छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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