कॉरपोरेट डेटा इंटेलिजेंस बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए स्नोफ्लेक और ओपनएआई ने 200 मिलियन डॉलर की बहुवर्षीय साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत ओपनएआई के सबसे उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल सीधे स्नोफ्लेक के डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर में एकीकृत किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों कंपनियों के लिए रणनीतिक बदलाव का संकेत है और इससे एंटरप्राइज एआई की प्रतिस्पर्धा चैटबॉक्स से निकलकर सीधे डेटाबेस तक पहुंच गई है।
स्नोफ्लेक ने अपनी पहचान एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में बनाई, जो कंपनियों के लिए अंतिम डेटा वेयरहाउस की भूमिका निभाता है। क्लाउड स्टोरेज और कंप्यूटिंग पावर को अलग करने की अवधारणा को लोकप्रिय बनाकर, स्नोफ्लेक ने संगठनों को ग्राहक रिकॉर्ड से लेकर सप्लाई चेन से जुड़े आंकड़ों तक, विशाल मात्रा में डेटा क्लाउड में संग्रहित करने की सुविधा दी। इस डेटा को सुव्यवस्थित और आसानी से क्वेरी किए जा सकने वाले फॉर्मेट में बदला गया, जिससे कंपनियों को बेहतर विश्लेषण में मदद मिली।
यह बिजनेस मॉडल इतना सफल रहा कि 2020 में स्नोफ्लेक का आईपीओ इतिहास का सबसे बड़ा सॉफ्टवेयर आईपीओ बन गया। हालांकि, जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में केवल डेटा को संग्रहित करना पर्याप्त नहीं रह गया है। अब डेटा से सिर्फ जानकारी निकालना ही नहीं, बल्कि उससे संवाद करना, तर्क करना और व्यावसायिक निर्णय लेना भी जरूरी हो गया है।
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इसी आवश्यकता ने सोमवार (2 फरवरी, 2026) को घोषित इस साझेदारी को जन्म दिया। ओपनएआई के शक्तिशाली मॉडल स्नोफ्लेक के प्लेटफॉर्म पर कंपनियों को यह सुविधा देंगे कि वे अपने कॉरपोरेट डेटा से सीधे इनसाइट्स हासिल कर सकें, जटिल सवालों के जवाब पा सकें और स्वचालित निर्णय प्रक्रिया को तेज कर सकें।
इस सौदे से संकेत मिलता है कि एंटरप्राइज एआई की अगली लड़ाई डेटा के वास्तविक उपयोग को लेकर होगी, जहां केवल इंटरफेस नहीं बल्कि गहराई से जुड़े बुद्धिमान सिस्टम निर्णायक भूमिका निभाएंगे। स्नोफ्लेक और ओपनएआई की यह साझेदारी भविष्य के कॉरपोरेट डेटा प्रबंधन और एआई रणनीतियों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
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