कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शनिवार सुबह 11 बजे एक भव्य समारोह के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह घटना राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई है।
चुनाव परिणामों के बाद सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने इसे जनता का “ऐतिहासिक जनादेश” बताते हुए कहा कि उनकी सरकार चुनावी वादों को पूरा करने, विकास, स्थिरता और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान देगी।
शपथ ग्रहण समारोह को एक बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में देखा गया, जिसमें देशभर के कई शीर्ष नेता शामिल हुए। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिससे यह भाजपा की शक्ति प्रदर्शन सभा भी बन गई।
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समारोह में शामिल प्रमुख नेताओं में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, मणिपुर के मुख्यमंत्री केम चंद सिंह, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा शामिल थे। इसके अलावा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जे. पी. नड्डा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पेट्रोलियम मंत्री सुषेन्द्र गोपी भी उपस्थित रहे।
सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वे पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी माने जाते थे, लेकिन 2021 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। उसी चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया।
इसके बाद से वे पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक बन गए और अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।
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