बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। अदालत ने मापुसा ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें तेजपाल को पहले संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था।
गुरुवार को न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसंडेकर की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 376(2)(एफ), 376(2)(के), 354ए और 354बी के तहत दोषी ठहराया है। अदालत अब सजा की अवधि को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुन रही है और सजा का ऐलान दोपहर 2:30 बजे किया जाएगा।
यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम से जुड़ा है। एक पूर्व कनिष्ठ सहयोगी ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। बाद में ट्रायल कोर्ट ने तेजपाल को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी।
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गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से तेजपाल को अधिकतम सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के बार-बार मना करने के बावजूद तेजपाल ने कथित रूप से आगे बढ़ना जारी रखा। उन्होंने कहा कि तेजपाल एक भरोसे की स्थिति में थे और अदालत को समाज में स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि किसी महिला का "नहीं" कहना पूरी तरह अंतिम होता है।
वहीं, सजा सुनाए जाने से पहले अदालत में अपनी बात रखते हुए तेजपाल ने नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 62 वर्ष है और वह खुद को पीड़ित मानते हैं। उन्होंने अदालत से अपील की कि उनके मामले में सहानुभूति दिखाई जाए।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि शिकायतकर्ता के बयान, ईमेल, व्हाट्सऐप संदेश और अन्य दस्तावेज अभियोजन पक्ष के दावों का समर्थन नहीं करते। हालांकि हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए तेजपाल को दोषी ठहरा दिया।
अब सभी की नजर अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर है।
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