महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने अपने लगभग 150 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का निर्देश दिया है और ऑफिस संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
इस मामले में आठ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज किया और उन्हें उच्च प्रबंधन तक नहीं पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में एचआर मैनेजर को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है, जिसने आरोपों को दबाने और दोषियों को बचाने की कोशिश की। जांच एजेंसियों को 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट्स मिले हैं, साथ ही कुछ वित्तीय लेनदेन के सबूत भी सामने आए हैं।
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अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला एचआर मैनेजर भी शामिल है। कुल 9 मामले दर्ज किए गए हैं और 9 शिकायतकर्ता सामने आए हैं, जिनमें एक पुरुष भी शामिल है।
टीसीएस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या दबाव के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती है और आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जांच समिति गठित की है, जो 18 अप्रैल को नासिक पहुंचकर मौके पर जांच करेगी।
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