भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की प्रमुख रक्षा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस MK1A, रूस के SU-57 लड़ाकू विमान और भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान तेजस MK1A लड़ाकू विमान की डिलीवरी में हो रही देरी प्रमुख विषय रही। भारतीय वायुसेना को समय पर विमान उपलब्ध कराने को लेकर HAL की प्रगति की समीक्षा की गई। जानकारी के अनुसार, HAL ने कई तेजस MK1A विमानों का निर्माण पूरा कर लिया है, लेकिन इंजन आपूर्ति और अन्य तकनीकी कारणों से उनकी डिलीवरी प्रभावित हुई है।
रक्षा मंत्रालय ने परियोजनाओं की समयसीमा और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, यह भी चर्चा हुई कि निर्धारित समय पर विमान नहीं देने की स्थिति में HAL पर अनुबंध के अनुसार जुर्माना (पेनल्टी) लगाया जा सकता है।
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बैठक में रूस के उन्नत स्टील्थ लड़ाकू विमान SU-57 पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा भारत के महत्वाकांक्षी AMCA कार्यक्रम की प्रगति और भविष्य की रणनीति की भी समीक्षा की गई। AMCA को भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है और इसे देश के रक्षा आत्मनिर्भरता अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
रक्षा मंत्री ने परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को गति देने के निर्देश दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस MK1A, AMCA और अन्य उन्नत लड़ाकू विमान परियोजनाएं भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक सैन्य क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
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